खून पतला करने वाली दवाएं लेने पर दांतों का इलाज़ कैसे करवायें

खून पतला करने की दवाई या एस्लेपिरिन लेने पर दांतों का इलाज़aspirin 1

बहुत सारे मरीज़ कई कारणों से खून पतला करने वाली दवाओं का सेवन करते हैं|  स्ट्रोक या पैरालिसिस और ह्रदय रोग  के मरीज़ ईन दवाइयों का सेवन लम्बे समय तक करते हैं. ऐसे मरीज़ में दुबारा  ह्रदय क्षति, हार्ट अटैक या स्ट्रोक  न हो, इसलिए  एस्पिरिन, क्लोपिद्रोगेल, हेअप्रिन, वार्फरिन या देबिगात्रिन जैसी दवाइयां मरीजों को इसलिए दी जाती हैं|

एन मरीजों के दांतों में यदि किसी प्रकार की समस्या होती है, तो कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है :

सबसे जरूरी है कि ,अपने डेंटिस्ट को अपनी सभी दवाओं के बारे में पूरी जानकारी दें|

यह दवाएं बहुत ही जरूरी होती है, इसलिए इन्हें अपने आप बंद या अनिय्मित सेवन  नहीं करना चाहिए|

दांत निकलवाने से पहले आपके डेंटिस्ट आपके कुछ खून के टेस्ट करवा सकते हैं. कुछ इलाज़  जैसे की दांतों की सफाई या रूट कैनाल ट्रीटमेंट बिना किसी दवाई को रोके किये जा सकते हें. यदि आपका दांत हिल रहा है, आप दांत भी निकलवा सकते हैं|

इलाज़ के लिए सुबह जल्दी का समय तय किया जाता है और उस दिन की दवा की खुराक को थोड देर से भी दिया जा सकता है|

यदि ट्रीटमेंट में ज्यादा ब्लीडिंग का खतरा है, तो खून पतला करने की दवाई डॉक्टर की सलाह के बाद दो दिन के लिए बंद भी की जा सकती है|

जिन मरीजों में ह्रदय में स्टंट डाला गया हो. उन्हें इलाज़ से एक घंटा पहले कुछ एंटीबायोटिक दवाई दी जाती है , ताकि उनके ह्रदय पर उसका असर न पड़े|

यदि आप खून पतला करने वाली  दवाएं लेते हैं, तब भी आप अपने डेंटिस्ट से सलाह लेकर  दांतों का इलाज़ करवा सकते है| अधिक जानकारी के लिए आप अपनी जांच डेंटिस्ट से करवा सकते हैं और अपने ह्डॉरदय रोग के डॉक्टर से भी सलाह अवश्य करें.

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